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नया हरियाणा

बुधवार, 19 दिसंबर 2018

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बीजेपी सरकार ने विधानसभा सत्र के नाम पर किया ढोंग : किरण चौधरी

बीजेपी सरकार ने किरण चौधरी द्वारा प्रश्नों को खारिज किया.

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7 सितंबर 2018

नया हरियाणा

कांग्रेस CLP leader श्रीमती किरण चौधरी द्वारा उठाए गए जनहितैषी मुद्दों के सवालों को किया नामंजूर

  आज से हरियाणा विधानसभा का सत्र सुरु हो रहा है. इस दौरान विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा जनहितैषी मुद्दे उठाए जाते हैं और सरकार का ध्यान लोगों की समस्याओं की तरफ दिलाया जाता है।

कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने बहुत ही महत्वपूर्ण जनता के मुद्दों को उठाने के लिए विधानसभा में प्रश्न लगाए थे और बीजेपी सरकार ने महत्वपूर्ण प्रश्नों को खारिज करके जनता की आवाज़ दबाने का काम किया है।

1.  किरण चौधरी ने बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए प्रश्न लगाया था जिसको सरकार ने खारिज कर दिया, यह किसी से छुपा हुआ नही है कि हरियाणा में कानून व्यवस्था का जनाजा निकला हुआ है, रोजाना हत्या, बलात्कार, डकैती, चोरी, जैसी वारदातें हो रही हैं, भिवानी जिले के लोहारू में पिछले दिनों कई घरों में घुसकर लोगों को बंधक बनाकर लूट मचाई गई क्या सरकार के लिए यह कोई मायने नही रखता।

2. किरण चौधरी ने सरसों की खरीद में घोटाला और किसानों की सरसों के फसल का बकाया नही देने पर भी सवाल लगाया था जिसको सरकार ने खारिज कर दिया, जैसा कि सभी को मालूम है सरसों खरीद में अनिमितता ओर करोड़ों रुपए के घोटाले की बात आई थी और किसानों की सरसों का बकाया भुगतान नही किया गया था यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न था पर सरकार ने अपना किसान विरोधी चेहरा दिखाते हुए किसानों के मुद्दे को भी विधानसभा में नही उठाने देने के लिए तानाशाही रुख अपनाया और सवाल खारिज कर दिया।

3. किरण चौधरी ने सिचाई के पानी की किल्लत पर विधानसभा में सवाल लगाया था और किसानों के हितों से जुड़ा यह प्रश्न भी सरकार ने खारिज कर दिया, मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने आखिरी टेल तक पानी पहुचाने के दावे तो बहुत किए पर धरातल पर नहरें सुखी पड़ी हैं और बिना पानी के किसानों की फसल बर्बाद हो रही हैं और सरकार ने इस मुद्दे पर जवाब देना या बहस करना भी जरूरी नही समझा, क्या यह सरकार का किसान विरोधी चेहरा नही है।

4. किरण चौधरी ने अपने गोद लिए गए तोशाम हल्के के गांव बापोड़ा के विकास के लिए सरकार द्वारा ग्रांट या विकास के लिए एक रुपया भी जारी नही करने का सवाल लगाया था और इस सवाल को भी खारिज कर दिया गया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर जी ने गांवो को गोद लेने के जुमले तो बड़े बड़े दिए पर धरातल में हालात यह  हैं कि किरण चौधरी तोशाम की विधायक होने के नाते उन्होंने बापोड़ा गांव को गोद लिया था पर सरकार ने गांव के विकास के लिए आजतक एक रुपया भी जारी नही किया और जब विधानसभा में सवाल लगाया गया तो उसको खारिज कर दिया गया, क्या बीजेपी सरकार यह स्वीकार करेगी कि प्रधानमंत्री जी व मुख्यमंत्री जी के द्वारा गांव गोद लेने का सिर्फ जुमला ही दिया था.?

बीजेपी सरकार ने किरण चौधरी द्वारा प्रश्नों को खारिज करके यह साबित कर दिया कि सरकार को आमजनता, किसानों,  और लगातार अपराध से त्रस्त हरियाणा की जनता से कोई लेना देना नही है, सरकार को अगर आमजनता की समस्याओं से मतलब नही था तो फिर विधानसभा सत्र बुलाने की जरूरत क्या रह जाती है।


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