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नया हरियाणा

गुरूवार, 20 जून 2019

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गेस्ट टीचर्स को हाईकोर्ट से झटका, पदों को रिक्त मानकर करने होंगे रेगुलर टीचर्स के तबादले

गेस्ट टीचर्स के लिए अच्छी और बुरी दोनों खबरें आई हैं.

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6 सितंबर 2018



नया हरियाणा

प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत गेस्ट टीचर्स को विभाग द्वारा रेगुलर टीचर्स से ज्यादा अहमियत देना फिर से विभाग के लिए फजीहत का सबब बन गया। दरअसल हाईकोर्ट की जस्टिस जी. एस. संधेवालिया की एकल बेंच ने 10 नवंबर 2017 को आनंद कुमार बनाम हरियाणा सरकार मामले सहित 30 अन्य याचिकाओं का सामूहिक फैसला सुनाते हुए यह निर्णय दिया था कि शिक्षा विभाग ऑनलाइन तबादले करते समय गेस्ट टीचर्स के सभी पदों को रिक्त मानकर रेगुलर टीचर्स के तबादले करे। 2016 में सैंकड़ों रेगुलर जेबीटी शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से याचिकाएं दायर करके ट्रांसफर पॉलिसी-2015 में गेस्ट टीचर्स के पदों को रिक्त न मानने के विभागीय फैसले को हाईकोर्ट में चुनोती दी थी। जिस पर हाईकोर्ट की एकल बेंच ने फैसला याचिकाकर्ता रेगुलर टीचर्स के हक में सुनाया था और 3 महीने में फैसले का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया था।विभाग ने हाईकोर्ट की एकल बेंच के इस 10 नवम्बर 2017 को दिए गये फैसले के खिलाफ डबल बेंच में अपील दाखिल की थी और एकल बेंच के फैसले पर रोक लगाने व रदद् करने की मांग की थी।
गुरुवार को विभाग द्वारा डबल बेंच में दायर अपील की सुनवाई में प्रतिवादी आनंद कुमार की ओर से पेश अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सरकार की अपील का कड़ा विरोध किया और बहस करते हुए अपील को ख़ारिज करने योग्य बताया। बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट की मुख्य न्यायधीश एवं जस्टिस अरुण पल्ली खंडपीठ ने सरकार और विभाग की अपील को विचारयोग्य न मानते हुए ख़ारिज कर दिया। इस मामले में विभाग की अपील खारिज होने से अब हजारों रेगुलर शिक्षकों को तबादलों में अपने मनपसंद जिलों व स्कूलों में तबादला करवाने का अवसर मिलेगा। हालांकि हाईकोर्ट के निरन्तर कड़े रुख के चलते सरकार द्वारा अंतर-जिला स्थानांतरण हेतु बनाई गई नई कैडर चेंज पॉलिसी-2018 में गेस्ट टीचर्स के पदों को पहले से ही रिक्त मानने का प्रावधान कर दिया गया है और 5 सितम्बर को इस नई पॉलिसी को कैबिनेट मीटिंग में कैबिनेट द्वारा हरी झंडी दिखा दी गई है।


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