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नया हरियाणा

मंगलवार, 12 नवंबर 2019

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एशियाड 2018 : गुमनाम खेलों से चमकी भारत की किस्मत

भारत के एशियाई खेलों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में कई ऐसे गुमनाम खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिनके बारे में अब से पहले चंद ही लोग जानते थे।

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4 सितंबर 2018



नया हरियाणा

भारत के एशियाई खेलों के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में कई ऐसे गुमनाम खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिनके बारे में अब से पहले चंद ही लोग जानते थे।
इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में रविवार को समाप्त हुए 18 वें एशियाई खेलों में भारत ने 15 स्वर्ण, 24 रजत और 30 कास्य सहित कुल 69 पदक जीतकर पिछले 67 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कुछ ऐसे खेलों की अहम भूमिका रही जिनके बारे में सामान्य ज्ञान की किताबों में भी जानकारी नहीं मिलती है।
इन खेलों में यदि किसी कुराश या सेपकटकरा के बारे में पूछा जाए तो संभवत: वह बगलें झांकता नजर आएगा। लेकिन इंडोनेशिया में हुए एशियाई खेलों में ऐसे अनजान खेलों से अब हर भारतीय को अवगत करा दिया है। कुछ ऐसे खेल थे जिनके नाम तो सुने थे लेकिन उनके बारे में विस्तृत जानकारी नहीं थी। एशियाड के प्रदर्शन से अब ऐसे खेलों के बारे में भी जानकारी सामने आ गई है।
भारत ने उज्बेकिस्तान के परम्परागत खेल कुराश में एक रजत और एक कांस्य सहित 2 पदक हासिल किये जबकि वुशू में भारत को 4 कांस्य पदक मिले। पैरों की मदद से गेंद के साथ खेले जाने वाले खेल सेपकटकरा में भारत ने ऐतिहासिक कांस्य हासिल किया।
सेलिंग और रोइंग तो खैर जाने माने नाम हैं लेकिन इनकी याद हमेशा 4 साल बाद एशियाई खेलों के समय ही आती है। भारत में रोइंग में एक स्वर्ण और दो कांस्य सहित तीन पदक और सेलिंग में एक रजत और दो कांस्य सहित तीन पदक हासिल किये।
घुड़सवारी जाना पहचाना नाम है लेकिन इसके लिए भारतीय टीम को आखिरी क्षणों में केंद्रीय खेल मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिली थी। घुड़सवारी महासंघ ने पहले की घोषित की लेकिन फिर अपने चयन को भी अवैध करार दिया और भारतीय ओलंपिक संघ में इस टीम की एशियाड दल से छुट्टी कर दी। मंत्रालय ने इस टीम को मंजूरी दिलाई और घुड़सवारों ने 1982 के नई दिल्ली एशियाई खेलों के बाद पहली बार में घुड़सवारी में दो रजत जीते।
ब्रिज, जो ताश का खेल है और जिसे बतौर  खेल कम मान्यता है, उसमें भारत ने एक स्वर्ण और दो कांस्य सहित 3 पदक जीत लिये। ब्रिज में दो बुजुर्ग खिलाड़ियों 60 साल के प्रणव बर्धन और 56 साल के शिबनाथ सरकार ने स्वर्ण दिलाया। इस स्वर्ण से देश मे ब्रिज को एक खेल के रूप में आधिकारिक मान्यता पाने में मदद मिलेगी।
भारत ने इन अनजान खेलों में कुल 69 पदकों में से 18 पदक हासिल किये और इन पदकों का ही नतीजा है कि भारत ने एशियाई खेलों के 67 वर्षो के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर डाला।


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