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नया हरियाणा

शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

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सीएम के रोड शो का विरोध करेंगी दादूपुर नलवी नहर सँघर्ष समिति

उन्होंने कहा कि सीएम की एंट्री के दौरान दिखाएंगे काले झंडे और एंट्री नहीं करने देंगे.

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30 अगस्त 2018

नया हरियाणा

सीएम के रोड शो का विरोध करेंगी दादूपुर नलवी नहर सँघर्ष समिति. सीएम की एंट्री के दौरान दिखाएंगे काले झंडे और एंट्री नहीं करने देंगे. दरअसल सरकार द्वारा दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाइ करने के बाद से दादूपुर सँघर्ष समिति के बैनर तले किसान एक साल से धरने पर बैठे हैं. लेकिन उनकी मांग सरकार ने नहीं मानी और नहर को बंद करने के आदेश दे दिए.लेकिन धरने पर बैठे किसान अभी भी मांगो पर अड़े हुए हैं और इसी के चलते दादूपुर नलवी नहर सँघर्ष समिति ने ये निर्णय लिया है कि वो सीएम के रोड शो का विरोध करेंगे और काले झंडे दिखाएंगे.
दादूपुर नलवी नहर सँघर्ष समिति के सदस्य अर्जुन सुढेल ने बताया कि 22 अगस्त  2017 से ये धरना चल रहा है और एक साल से अधिक समय हो गया है. शायद ही इससे लम्बा कोई धरना चला होगा. किसान निराश और हताश हैं. रही सीएम साहब की बात जब से धरना चल है सीएम बार-बार जिले में आये, लेकिन किसानों से नहीं मिले. हमने पहले भी उनको काले झंडे दिखाए, गिरफ्तारियां भी दी. कड़े से कड़ा विरोध किया. लाठीचार्ज भी हुआ. आज किसान दुःखी हैं. कल सीएम आ रहे हैं तो दादू नलवी नहर सँघर्ष समिति के किसान मिलकर डटकर विरोध करेंगे व काले झंडे दिखाएंगे. जहाँ से वो एंट्री करेंगे उनको अंदर नहीं आने देंगे विरोध करेंगे.
 वही समिति के सदस्य राजेश दहिया ने बताया हरियाणा सरकार ने दादुपुर नलवी नहर  को डिनोटिफाई कर दिया. जिससे किसानों को बड़ा भारी नुकसान होगा. हमारे जिले का क्या उत्तरी हरियाणा का बहुत नुकसान है. हम हाईकोर्ट में इसके खिलाफ जा रहे हैं और मुकदमा कर रहे है. कल  हम सीएम का विरोध करेंगे व काले झंडे दिखाएंगे. हम पहले भी सीएम से मिल चुके हैं लेकिन सीएम ने हाथ खड़े कर दिए थे कि हम किसानों को इतना पैसा नहीं दे सकते, पैसा बहुत ज्यादा है. इसमें किसानों का क्या दोष है किसानों ने 15 साल कानूनी लड़ाई लड़ी है और पैसा खर्च किया है. किसानों का इसमें क्या दोष है एक साल से धरने पर बैठे हैं. वह कहते हैं कि नहर सही नहीं है वह सही क्यों नहीं है जब वह अपना उद्देश्य पूरा कर रही है दूसरा जो यमुना नदी में बाढ़ आती है उसका काफी पानी कवर करती है. 500 क्यूसिक तक है सरकार को चाहिए कि कैपेसिटी बढ़ाकर  1000  क्यूसिक किया जाए. जो आसपास बाढ़ आती है फसलें खराब होती है वो बचेंगी. हमारा उतरी हरियाणा डार्क जोन हो चुका है खासकर अंबाला यमुनानगर और कुरुक्षेत्र. इस नहर से यहाँ वाटर लेवल बढ़ सकता है. लेकिन ये इस नहर को बंद कर रहे है.
दादुपुर नलवी नहर निर्माण से सरकार ने ‌हा‌थ खींचा, करोडों खर्च करने के बाद वापस होगी किसानों की जमीन, आधी अधूरी बन चुकी है नहर
करीब 27 वर्ष पूर्व जब यह माना गया कि एसवाईएल नहर में पानी आने पर पश्चिमी यमुना नहर में पानी सरप्लस हो जाएगा, तब यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व करनाल जिलों के लोगों ने दादूपुर नलवी नहर बनाने की मांग की. करीब दस वर्ष पूर्व भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने करोडों रुपया खर्च करके दादूपुर नलवी नहर का प्रथम चरण बनाकर तैयार कर दिया. अब चूंकि नहर अधूरी है. लेकिन सूत्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने अब किसानों से अधिग्रहण की गई जमीन को डी नोटिफाई करके किसानों को पैसा वापस करने और नहर का निर्माण नहीं करने का फैसला लेने जा रही है.
 इस संबंध में प्रारूप तैयार किया जा रहा है और सरकार इस बात का ऐलान किसी भी समय कर ‌सकती है. गौरतलब है कि चौ. देवीलाल जब हरियाणा के सीएम थे उस समय शाहाबाद के तत्कालीन एकमात्र कम्युनिस्ट पार्टी के शाहाबाद से विधायक डा. हरनाम सिंह ने शाहाबाद क्षेत्र में लगातार गिरते जा रहे भूमिगत जलस्तर के दृष्टिगत इस क्षेत्र में नहर निर्माण की मांग की थी. उसके बाद इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई. इसके बाद वर्ष 2004 में सरकार ने दादूपुर नलवी नहर निर्माण के लिए जमीन एक्वायर करने की प्रक्रिया शुरू की. इसके लिए सरकार ने यमुनानगर जिला के दादूपुर एरिया से कुरुक्षेत्र के शाहाबाद तक 860 एकड़ जमीन एक्वायर की थी. उस समय किसानों को मुआवजा देने व इसका निर्माण शुरू करने पर 166 करोड रुपया खर्च किया गया था, लेकिन नहर का निर्माण कछुआ चाल से होता रहा और निर्माण की लागत लगातार बढ़ती चली गई.
 


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