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नया हरियाणा

मंगलवार, 19 नवंबर 2019

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कुरुक्षेत्र के पेहवा विधानसभा से भाजपा खोल पाएगी खाता

यहां कांग्रेस और इनेलो के बीच ही भिंडत होती आई है.

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28 अगस्त 2018



नया हरियाणा

कुरुक्षेत्र जिले में लाडवा, शाहबाद, थानेसर और पेहवा चार विधानसभा सीटें हैं। जिनमें पेहवा जट सिख बहुल धार्मिक नगरी है।
1967 में सीडब्लूए पार्टी के सी लाल ने जीत दर्ज की थी. 1968 व 72 में कांग्रेस के पियारा सिंह विजयी रहे। 1977 में तारा सिंह जेएनपी पार्टी से विजेता रहे। 1982 में कांग्रेस के पियारा सिंह तीसरी बार विजयी हुई।
1987 में लोकदल के बलबीर सिंह विजयी हुए, उन्होंने तारा सिंह को हराया. 1991 में जसविंद्र सिंह सिंधु जेपी पार्टी की टिकट पर और 96 में अकाली की सीट पर दर्ज की। 2000 में इनेलो की टिकट पर तीसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने तीन बार बलबीर सिंह सैनी को हराया।
2005 में कांग्रेस के हरमोहिंद्र सिंह चड्ढा ने भाजपा के बलबीर सिंह सैनी को हराया. 2009 में हरमोहिंद्र सिंह चड्ढा ने इनेलो के जसविंदर् सिंह को हराया.
2014 में इनेलो के जसविंद्र सिंह सिंधु ने जीत दर्ज की. यह इनकी चौथी जीत है इस सीट पर. इन्हें 49,110 वोट मिले. दूसरे नंबर पर भाजपा के जय भगवान शर्मा रहे, जिन्हें 39,739 वोट मिले. कांग्रेस के मनदीप सिंह चड्ढा को 34,810 वोट मिले. 
जसविंद्र सिंधु 2000-05 की इनेलो सरकार में कृषि मंत्री भी रह चुके हैं। इन्होंने 2014 में करनाल से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा था.
भारतीय जनता पार्टी ने जयभगवान शर्मा को इस सीट से लड़ाया था, परंतु ये थानेसर से टिकट मांग रहे थे. कालका से समालखा तक जो भाजपा की लहर चली थी, उसमें भाजपा यही सीट हारी थी. कालका, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत जिलों समेत कुरुक्षेत्र जिलों में भाजपा इस सीट को छोड़कर सभी सीटें जीत गई थी।
 


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