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नया हरियाणा

मंगलवार, 26 मार्च 2019

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भाला फेंक प्रतियोगिता में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया सूबेदार नीरज चोपड़ा ने

पानीपत जिले के खंडरा गांव का रहने वाला है नीरज चोपड़ा.

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28 अगस्त 2018



नया हरियाणा

पानीपत के खण्ड मतलौडा के गाँव खण्डरा का रहने वाला है नीरज चोपड़ा. जेवलिन थ्रो में इतिहास रचने की खबर मिलते ही नीरज चोपड़ा का परिवार खुशिया मना रहा है ।नीरज के चाचा सुरेन्द्र  ने बताया कि नीरज बचपन से शरीर से मजबूत था और पहलवान बनना चाहता था लेकिन धीरे धीरे नीरज जेवलिन थ्रो गेम की तरफ आकर्षित होने लगा। उन्होंने कहा कि नीरज धीरे धीरे जेवलिन में हाथ आजमाने लगा और देखते ही देखते नीरज ने जेवलिन थ्रो में महारत हासिल कर ली. परिवार ,गांव ,प्रदेश और देश को गोल्ड दिलाने वाले नीरज चोपड़ा की जीत का जश्न देश के साथ पूरा गांव मना रहा ,परिवार ने प्रदेश सरकार की खेल नीतियों की सरहाना। आर्मी में सूबेदार के पद पर तैनात है नीरज। भाला फेंक देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाला खिलाड़ी बना नीरज। 

मात्र डेढ़ एकड़ के खेत के मालिक और सयुक्त परिवार में पला - बड़ा  आर्मी में सूबेदार नीरज चोपड़ा ने सुविधाओं के आभाव को  पीछे छोड़ते हुए जैवलिन थ्रो में 20 साल के नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीता है. नीरज चोपड़ा भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।  नीरज इससे पहले भी देश के लिए करीब विभिन  प्रतियोगिता में 30 मेडल जीत  चूका है,सूबेदार नीरज चोपड़ा ने जेवलिन थ्रो में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ कर इतिहास रचा तो नीरज  के परिवार की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा. देर रात नीरज के घर पर बधाई देने वालो का ताँता लगा रहा ।परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें यकीन था कि उनका बेटा इतिहास रचेगा। वतन आगमन पर समाज द्वारा पानीपत में नीरज का सम्मान समारोह आयोजित किया जायेगा। ग्रामीणों व् परिवार ने नीरज की जीत  पर ख़ुशी मनाते हुए लम्बी उम्र का आशीर्वाद दिया. 

भारत के 20 वर्षीय स्टार जेवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा ने एशियन गेम्स 2018 में भारत को इस स्पर्धा का पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है। नीरज चोपड़ा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इस सफलता को हासिल किया है। इस भारतीय एथलीट ने अपने देश को इस एशियन गेम्स संस्करण का आठवां गोल्ड मेडल दिलाया है। वो इस एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल के ध्वजवाहक भी थे।

उन्होंने एशियन गेम्स 2018 में सोमवार को 88.06 मीटर का रिकॉर्ड थ्रो करके सीनियर गेम्स में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी पार कर दिया। उन्होंने इसी साल डायमंंड लीग में फेंके गए अपने 87.43 मीटर के थ्रो को पीछे छोड़ दिया, हालांकि डायमंड लीग में वो पदक जीतने में असफल रहे थे।

इससे पहले हरियाणा के पानीपत में जन्मे नीरज चोपड़ा ने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में 82.23 मीटर का थ्रो करके गोल्ड मेडल जीता था जहां उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड की भी बराबरी की थी। उन्होंने इसी साल गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 86.47 मीटर का थ्रो करके भी गोल्ड मेडल जीता था।

नीरज की बड़ी सफलताएं*

2016 दक्षिण एशियाई खेल – गोल्ड मेडल – 82.23 मीटर

2016 एशियन जूनियर चैंपियनशिप – सिल्वर मेडल – 77.60 मीटर

2016 वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप – गोल्ड मेडल – 86.48 मीटर

2017 एशियाई चैंपियनशिप – गोल्ड मेडल – 85.23 मीटर

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स – गोल्ड मेडल – 86.47 मीटर

2018 सोटेविल एथलेटिक्स मीट – गोल्ड मेडल – 85.17 मीटर
 


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