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नया हरियाणा

मंगलवार, 16 अक्टूबर 2018

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कुरुक्षेत्र में 9 सितंबर को होगी 3 बड़ी रैलियां

रैलियों ने हरियाणा में चुनावी बिगुल बजा दिया है.

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28 अगस्त 2018

नया हरियाणा


9सितम्बर को कुरुक्षेत्र में होगी महाभारत

9 सितम्बर को कुरुक्षेत्र में हुड्डा, किरण चौधरी और अभय चौटाला करेंगे एक ही दिन रैली। हमेशा विवादों में रहने वाले कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार ने हरियाणा की राजनीति में जातिगत समीकरणों को हाईवोल्टेज करंट तो पैदा किया ही साथ में राजनीति के मामले कुरुक्षेत्र जैसे शांत माने जाने वाले संसदीय क्षेत्र में हलचल पैदा करवा दी है।
हर पार्टी अब यहां अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिशों में लगी हुई है। दरअसल आगामी चुनाव में पूरी जीटी रोड बेल्ट पर सभी की नजरें गढ़ी रहेंगी, बाकी हरियाणा तो किसी न किसी नेता का गढ़ बन गया है, पर जीटी रोड बेल्ट अब तक ओपन स्पेस में बनी हुई है। इसलिए सभी दलों का यहां जोर आजमाइश करना लाजिमी है।
कुरुक्षेत्र वैसे भी बीचोबीच पड़ता है तो यहां पार्टियां अपनी गूंज एक तरफ कालका तक तो दूसरी तरफ समालखा तक पहुंचाना चाहती हैं। 
कांग्रेस जहां एक तरफ हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला, शैलजा, तंवर और सबसे अहम् किरदार कुलदीप बिश्नोई होंगे, इन सभी के भरोसे जीटी रोड बेल्ट पर कांग्रेस कम बैक करना चाहती है। हुड्डा की पहुंच जहां पानीपत जिले में ज्यादा है, वहीं कुलदीप की करनाल में, सुरजेवाला की कुरुक्षेत्र तथा तंवर व शैलजा की दलित बहुल अंबाला सीट पर. अब देखने वाली बात यह होगी कि टिकट वितरण से लेकर चुनावी रणनीति के स्तर पर कांग्रेस अपनी चुनावी बिसात कैसे बिछाती है, बहुत कुछ इसी पर निर्भर करेगा।
इनेलो और बसपा का गठबंधन अगर जमीनी स्तर पर अपना रंग दिखा गया तो बहुत संभव है चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिलें। इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला का प्रयास है कि ब्राह्मण वोटरों को इनेलो की तरफ शिफ्ट करवाने का. अगर इनेलो की ये रणनीतियां सफल होती हैं तो जाहिर परिणाम इनेलो के लिए सुखद होंगे। दूसरी तरफ टिकट वितरण में जातिगत समीकरणों का खेल कितना साध पाते हैं, यह देखना भी दिलचस्प होगा।
भाजपा के पास अनिल विज और मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस बेल्ट के बड़े नेता हैं और सरकार की नीतियों से जनता खुश है या नहीं, इसी की परीक्षा होनी है। 2014 के चुनाव में तो जीटी रोड बेल्ट ने एक तरफा भाजपा पर मोहर लगा दी थी। क्या भाजपा अपनी जीत को रिपिट कर पाएगी? क्या जीटी रोड बेल्ट पर भाजपा का जादू दोबारा चल पाएगा?
भूपेंद्र हुड्डा समालखा से रथ रैली का आगाज कर चुके हैं और अबकी बार उनकी रैली पेहवा हलके में है। हुड्डा की चिरप्रतिद्वंद्वी किरण चौधरी की रैली भी थानेसर हलके में है। वहीं अभय चौटाला लाडवा हलके के बाबैन में रैली करेंगे।
 


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