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नया हरियाणा

शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

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जींद में होंगे उपचुनाव, देखेंगे किस में है कितना दम!

जींद की चौधर का किसके सिर पर सजेगा ताज।

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26 अगस्त 2018

नया हरियाणा

 

जींद से इनेलो विधायक और समाजसेवी  हरिचंद मिड्डा का देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उनको दो तीन दिन पहले ही दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 

डॉक्टर हरिचंद मिड्डा भारतीय सेना से सेवानिवृत होने के बाद से समाजसेवा के कामों में जुट गए थे। वहीं साल 2009 और साल 2014 के विधानसभा चुनावों में इनेलो की तरफ से विधायक बने थे।

हरिचंद मिड्डा इनेलो के सबसे वरिष्ठ विधायक थे और लगातार दूसरी बार जींद शहर से विजयी होकर विधायक बने थे। वहीं पिछले 40 सालों से वो जनता की सेवा में लगे हुए थे।

हरिचंद मिड्डा हरियाणा के एकमात्र ऐसे विधायक थे जो विधायक होने के साथ-साथ डॉक्टरी के पेशे के जरिये लोगों का इलाज  भी खुद ही करते थे। 

जींद में होंगे उपचुनाव

हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने बाकी के उतार चढ़ाव तो देख ही लिए, अपने अंतिम साल में वह उपचुनाव भी देख ही लेगी। अभी तक सरकार ने कोई उपचुनाव नहीं देखा है सो ये भी जींद की धरती पर पूरा हो जाएगा।

यह उपचुनाव कम होगा बल्कि भाजपा के कामकाज का फेडबैक ज्यादा होगा। विपक्ष के छाती ठोंकने का भी पता चल जाएगा। किस पार्टी में कितना दमखम है यह तो उपचुनाव के नतीजे साफ कर ही देंगे।

2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले ये उपचुनाव भाजपा के लिए लिटमस टेस्ट की तरह होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि राजस्थान के विधानसभा चुनाव के साथ ये उपचुनाव हो सकता है। जो कि सितंबर-अक्टूबर में होने हैं। 

जींद की चौधर का ताज किसके सिर पर सजेगा

जींद हरियाणा की राजनीति की प्रयोगशाला रही है। हर पार्टी यहां अपनी बड़ी से बड़ी रैली करके अपनी शक्ति का प्रदर्शन करती रही हैं। उपचुनाव में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि बांगर की धरती पर कौन चौधर लाएगा? इनेलो, कांग्रेस या भाजपा। पार्टियों के साथ-साथ हरियाणा की राजनीति के दिग्गजों की भी परीक्षा इस उपचुनाव में हो जाएगी। चौटाला फैमली, कांग्रेस के सुरजेवाला जो हाल के दिनों में खुद को बांगड़ का चौधरी घोषित करने में लगे हैं। बांगड़ की धरती पर बिरेन्द्र सिंह और मनोहरलाल की जोड़ी क्या रंग लाती है? दूसरी तरफ कैप्टन अभिमन्यु किस तरह इस जोड़ी को मजबूत बैकअप देते हैं, यह देखना दिलचस्प इसीलिए भी होगा क्योंकि सभी दल और नेता अपनी पूरी ताकत जींद में झौंक देंगे। क्योंकि जींद पर जिसकी फतह होगी, उसी दल की सरकार बनने की संभावनाएं होंगी। दूसरी तरफ एक मैसेज पूरे हरियाणा में जींद के जरिये कन्वे होगा।

राजनीतिक गलियारों के हवाले से खबर है कि भाजपा जींद से हरिचन्द मिड्डा के बेटे कृष्ण मिड्डा को टिकट देगी। जींद में राहगीरी के दौरान मनोहर लाल ने जब छातर गांव में रात बिताई थी, उस रात मनोहर लाल से कृष्ण मिड्डा ने मुलाकात भी की थी।

जाट लैंड कहे जाने वाले जींद में भाजपा की और साथ में मनोहर लाल के कामों की भी पड़ताल हो जाएगी। जनता अपने मतों से बता देगी कि उसे सरकार की नीतियां पसन्द हैं या नहीं।

दूसरी तरफ उस विपक्ष का भी पता चल जाएगा। जो हर रोज छाती ठोंक कर कहता है कि भाजपा का हरियाणा से सूपड़ा साफ हो जाएगा। लगे हाथों इस दावे का भी पता चल जाएगा, जिसमें यह कहा जाता है कि जाट बेल्ट में तो भाजपा खत्म है। अगर जींद से भाजपा जीत दर्ज करती है तो यह सरकार के मनोबल को मजबूती देने का काम करेगा। अगर हारती है तो उसके पास बहाना है कि जींद भाजपा का गढ़ नहीं है। इनेलो के गढ़ माने जाने वाले जींद में इनेलो की हार कार्यकर्ताओं के मनोबल को तोड़ सकता है।

अगर कृष्ण मिड्डा को भाजपा टिकट देगी तो इनेलो के लिए टिकट देने का काम भी कम आफत भरा नहीं होगा। कृष्ण मिड्डा को कुछ वोट सहानुभूति के भी मिलने तय हैं। कांग्रेस किसे टिकट देगी यह देखना इसलिए दिलचस्प होगा क्योंकि उससे ये पता चल जाएगा कि हाई कमान में हरियाणा के किस नेता की चलती है। सुरजेवाला, हुड्डा, तंवर और कुलदीप इन सभी का भी दमखम इस उपचुनाव में दिख जाएगा।

कुल मिलाकर अगले तीन-चार महीने हरियाणा की राजनीति अपने चरम पर होगी। नेताओं और पार्टियों का दमखम देखने को मिलेगा। देखते हैं किस में है कितना दम।


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