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नया हरियाणा

रविवार, 21 जुलाई 2019

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राजनीति में मानवीय संवेदना को भूले तंवर : नवीन जयहिंद

अशोक तंवर की साइकिल यात्रा के दौरान जाम में फंसी एम्बुलेंस में नवजात बच्चे की आज मौत हो गई।

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22 अगस्त 2018



नया हरियाणा

अशोक तंवर की साइकिल यात्रा के दौरान जाम में फंसी एम्बुलेंस में नवजात बच्चा अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहा था। लेकिन रोहतक पीजीआई में अपनी जंग हार गया, अगर समय रहते वह हस्पताल पहुंच जाता तो शायद उस मासूम की जान बच जाती। इस घटना को आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष ने दुखद बताया और कहा कि अशोक तंवर अपने राजनीतिक कद को बढ़ाने के चक्कर मे आम जनता की सुविधाओं को भूल गए और एक मासूम की मौत का कारण बन गए।

कितनी ही भीड़ क्यों न हो एम्बुलेंस को तो रास्ता दिया जाता है। लेकिन आधे घण्टे तक एम्बुलेंस तंवर की यात्रा में फंसी रही, किसी ने जहमत नही उठाई की उस एम्बुलेंस को रास्ता दिया जाए। तंवर ने भी राजनीति के चक्कर में इस ओर ध्यान नही दिया। नारों को जरूरी समझा, मासूम की जान उनके लिए कोई अहमियत नही रखती थी।
अशोक तंवर को आम आदमी पार्टी की भाईचारा कावड़ यात्रा से सीखना चाहिए कि जनता के लिए की जाने वाली यात्रा कैसे अनुशासन में रह कर की जाती है।

जयहिंद ने कहा कि अशोक तंवर सत्ता के सुख में ये भूल गए की जनता ने ही उन्हें यहाँ तक पहुँचाया है। तंवर साहब राजनीति के चक्कर मे मानवीय संवेदना को भूल गए जिसके चलते एक मासूम की जान चली गई। क्या तंवर जी उस परिवार को हुए कभी न भरे जाने वाले घावों की भरपाई कर पाएंगे??


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