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नया हरियाणा

रविवार, 21 अक्टूबर 2018

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भूपेंद्र सिंह हुड्डा पड़ रहे हैं पार्टी के भीतर और जनता के बीच कमजोर

सीबीआई केसों के कारण एक भ्रष्ट मुख्यमंत्री की छवि निर्मित होती जा रही है.

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10 अगस्त 2018

नया हरियाणा

मानेसर जमीन अधिग्रहण घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का सियासी कद लगातार घटता जा रहा है। आम जनता के बीच एक भ्रष्ट मुख्यमंत्री के रूप में उनकी छवि निर्मित हो चुकी है। इससे पहले वाड्रा वाले मामले में उनकी राष्ट्रीय स्तर पर भी छवि खराब हुई थी। कांग्रेस के भीतर उनके घटते कद से उनके प्रतिद्वंद्वियों को फायदा होता साफ दिख रहा है। खासकर रणदीप सुरजेवाला इस तरह के मामलों से अपनी पकड़ मजबूत करते हुए दिख रहे हैं। भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के अलावा सीबीआई की जार्चशीट में भूपेंद्र हुड्डा के नजदीकियों के नाम आने से उनकी छवि पर एक सामाजिक दाग लगा है। क्योंकि उन आरोपियों पर रोहतक को जलाने और लूटने वाले के नाम आए हैं। खरी-खरी बात यह है कि अब इन मामलों का उन्हें सियासी नुकसान कितना होगा यह समय बताएगा और पार्टी के भीतर उन्हें इसका कितना खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा।

दूसरी तरफ जाट समाज का बड़ा समूह यह मानता है कि चौटाला परिवार को जेल करवाने में पूर्व सीएम का हाथ है। हालांकि इसके कोई साक्ष्य नहीं हैं। पर जनभावनाओं को साक्ष्य की जरूरत नहीं होती। वो अपनी इन भावनाओं के आधार पर ही सामूहिक मानसिकता निर्मित करते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आज पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट पहुंचे। मानेसर जमीन अधिग्रहण घोटाले मामले में हुड्डा सहित सभी 34 आरोपी पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश हुए। आज की सुनवाई के दौरान भी चालान की चेकिंग जारी रही। वहीं पिछली सुनवाई के दौरान चालान की स्क्रूटनी में कई दस्तावेजों की कमी पाई गई थी जिसकी मांग बचाव पक्ष के वकील ने की थी। चालान की चेकिंग के बाद ही सभी आरोपियों को सौंपी जा सकती है चालान की कॉपी और जल्द हो सकते हैं आरोप तय। मामले में अभी तक चालान की स्क्रूटनी जारी। हुड्डा के साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। अब इस मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज कपिल राठी की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जिसमें हुडडा के अलावा एम एल तायल, छतर सिंह , एस एस ढिल्लों , पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के खिलाफ चार्ज शीट में नाम आया है। मानेसर जमीन घोटाले को लेकर सीबीआइ ने हुड्डा सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था।

इस मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआइ की एफआइआर के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था। कांग्रेस लगातार इस कारर्वाई को सियासी रंजिश का नाम दे रही है। इस मामले में आरोप है कि अगस्ता 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुड़गांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली थी। कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है।
 


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