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नया हरियाणा

सोमवार , 20 अगस्त 2018

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प्रतिभा पर भारी पड़ता है अभ्यास : 10वीं, 12वीं में अंग्रेजी फेल ने किया नेट

समालखा हलके के ककरोली गांव के विनीत ने ये कारनामा करके दिखाया है.

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8 अगस्त 2018

नया हरियाणा

पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं-कहावत का तात्पर्य यह है कि हुनरमंद बच्चों के लक्षण बचपन में ही नजर आते हैं. जिसे जन्मजात प्रतिभा भी कहा गया है. भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र में जन्मजात प्रतिभा और अभ्यास को लेकर लंबी बहसें चली हैं. विद्वानों ने दोनों पक्षों पर अपने-अपने विचार रखे हैं. दूसरी कहावत भी है कि करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान.

हर विद्यार्थी में प्रतिभा होती है। लेकिन अवसर के अभाव में यह प्रतिभा उजागर नही होती. अगर विद्यार्थियों में प्रतिभा निखारने के लिए समय- समय पर अवसर मिलता रहे तो ये प्रदेश का नाम ऊंचा कर सकते हैं.  विद्यार्थियों को अपनी कला में निखार लाने के लिए अभ्यास करना भी बहुत जरूरी है। अभ्यास से ही प्रतिभा निखर कर अधिक आकर्षक बन जाती है.
तो आपको आज जड़मति होत सुजान वाले छात्र से रू-ब-रू करवाते हैं. एक ऐसा छात्र जो 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा में अंग्रेजी के पेपर में फेल हो जाता है. और बीए करने के बाद एमए अंग्रेजी से मास्टर डिग्री लेता है. वह यही नहीं रूकता. वह अंग्रेजी में कॉलेज प्रोफेसर के लिए दी जाने वाली नेट की परीक्षा को भी उत्तीर्ण करता है.
जब वह 8वीं में अंग्रेजी के पेपर में फेल हुआ होगा. तब उसने कहां सोचा होगा कि आगे चलकर उसे इसी में मास्टर डिग्री लेनी है. 10वीं में अंग्रेजी के पेपर में फेल होकर भी उसने कहां सोची होगी कि उसे अंग्रेजी साहित्य भी पढ़ना है. 12वीं में अंग्रेजी में फेल होकर तो उसके मन में यह ख्याल भी आया होगा कि आखिर इस अंग्रेजी के कब पीछा छुड़ेगा. अंग्रेजी आम हरियाणवी बालक की तरह उसकी सबसे बड़ी दुश्मन बन गई थी.
अब हरियाणवियों के लिए अंग्रेजी क्यों आफत है? यह अध्ययन का खास विषय होना चाहिए और साथ ही ग्रामीण स्तर की स्कूली शिक्षा और स्कूलों को लेकर भी इस नजरिए से सोचना औऱ विचार करना आवश्यक है. साथ ही पढ़ाने वाले शिक्षकों के स्तर और शिक्षा पद्धति का मूल्यांकन करना भी आवश्यक है.
काकरोली गांव में जन्में विनीत कुमार एक ऐसी शख्सियत हैं जो कि दसवीं और बारहवीं में अंग्रेजी के पेपरों में फेल होते थे. काकरोली समालखा हलके का गांव है, जो पानीपत जिले में है. 22 अक्टूबर 1993 को एक आम किसान परिवार में इनका जन्म हुआ. इन्होंने हथवाला गाम से 12वीं पास की. 8वीं, 10वीं और 12वीं में कम्पार्टमेंट (री) भले ही आई हो पर अब ये अंग्रेजी में पारंगत हैं. पढ़ने-बोलने के साथ-साथ अंग्रेजी नॉवल पढ़ने में इनकी खास दिलचस्पी है. विनीत अपने गांव का पहला स्नातकोत्तर (पीजी) है. अंग्रेजी विषय में इन्होंने एमए की है. अपने स्कूली शिक्षकों, कॉलेज के शिक्षकों के अलावा ये आजाद गौतम को अपना गुरु मानते हैं. जिन्होंने इन्हें शिक्षा के अलावा एक दोस्त की तरह सही दिशा निर्देश तो दिया ही. और जरूरत पड़ने मानसिक सहयोग दिया. जिसके परिणामस्वरूप आज ये मुकाम हासिल कर सकें. क्रिकेट खेलने का विशेष शौक रखते हैं.


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