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नया हरियाणा

बुधवार, 21 नवंबर 2018

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महेंद्रगढ़ की लड़कियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने स्वीकृत किया विद्यालय

शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के 21 जुलाई को धन्यवाद रैली का आयोजन किया था.

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8 अगस्त 2018

नया हरियाणा

 महेंद्रगढ़ जो कि हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का गृह क्षेत्र है जहां पर शहर में दो सीनियर सेकंडरी स्कूल तो चल रहे हैं लेकिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के युग मे यंहा लड़कियों के पढ़ने के लिये अलग से कोई भी स्कूल नही था। यहां एक सीनियर सेकंडरी स्कूल का नाम तो केवल राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल था। लेकिन इसमें लड़के व लड़किया दोनों साथ-साथ शिक्षा ग्रहण करते थे। जिसकी वजह से बहुत-सी लड़किया इस विद्यालय में शिक्षा लेने से परहेज व गुरेज करती थी। 
लड़कियों की इसी मांग को देखते हुए शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने 21 जुलाई को हुई धन्यवाद रैली में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से लड़कियों के स्कूल की मांग रखी। जिस पर मुख्यमंत्री ने उनकी इस मांग को मानते हुए इसे तत्काल प्रभाव से शुरू करने की घोषणा की। उनकी इस मंजूरी के बाद से शिक्षा विभाग ने इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाकर भेज दिया है।
 छात्राओं ने बताया कि उनके लिये अलग से कोई भी गर्ल्स स्कूल नहीं था। जिससे उनको पढ़ने में काफी दिक्कत आती थी। अब मुख्यमंत्री ने अलग से लड़कियों के लिये स्कूल बनाने की घोषणा की है। उससे हमें खुशी है और हम मुख्यमंत्री की इस घोषणा की सराहना करते हैं।  पहले हमारे इस स्कूल का नाम तो गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल था लेकिन यहां हमें लड़को के साथ ही पढ़ना पड़ता था। जहां सरकार ने हमारी ओर ध्यान देते हुए  यहां अलग से स्कूल बनाने की घोषणा की है उस पर अमल करते हुए शीघ्र अतिशीघ्र शुरू करवाया जाये। 
जिला शिक्षा अधिकारी मुकेश लवानिया ने बताया कि हमने इस स्कूल को शुरू करवाने के लिये अपनी सभी रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ अधिकारियों के पास भेज दी है। यह वहां से स्वीकृत होकर आने के बाद जैसे ही इसका बजट आयेगा सभी तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके इस स्कूल को शुरू करवा दिया जायेगा। इस स्कूल के शुरू होने से क्षेत्र की लड़कियों को काफी लाभ पहुँचेगा। यंहा ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 15 किलोमीटर तक लड़कियों के अलग स्कूल हैं। यहां भी पहले था लेकिन मॉडल संस्कृति स्कूल बनने के बाद से इस स्कूल को कोएड कर दिया गया था। इस भवन में 22 कमरे है जिनमें बिजली का कोई प्रबंध नहीं है और ना ही कोई बिजली का कनेक्शन यहां उपलब्ध है। यहां पीने के पानी का भी कोई उचित प्रबंध नहीं है। जिसकी भी पूरी तरह नई ही व्यवस्था विभाग को करवानी पड़ेगी। यहां अभी शिक्षा विभाग का एक दफ्तर चलता है जिसमें बिजली का कनेक्शन पास के स्कूल से ही लिया गया है। यहां पास के स्कूल में 525 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं जिनमें 400 के लगभग लडकियां हैं। जिन्हें यह स्कूल शुरू होने से इसका फायदा होगा। आस पास के नजदीक के गांवों में भी लड़कियों के लिये जहां अलग से स्कूल नहीं है। वहां से भी इस प्रस्तावित स्कूल में दाखिला लेने से इस स्कूल में लड़कियों की अच्छी खासी संख्या हो सकती है।
 


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