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नया हरियाणा

बुधवार, 19 दिसंबर 2018

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दीपेंद्र हुड्डा आश्वासन देते रहे, गिरी बेरी स्कूल की बिल्डिंग

गीता भुक्कल के शिक्षा मंत्री रहते और भूपेंद्र हुड्डा के गढ़ कहे जाने वाले बेरी का स्कूल बरसात में गिर गया.

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28 जुलाई 2018

नया हरियाणा

कितनी हैरानी की बात है कि पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के विकास के दावों की पोल उनके अपने गढ़ में ही खुल रही है. झज्जर से विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल के जिले के बेरी स्कूल की बिल्डिंग गिर गई. बेरी के विधायक भी कांग्रेस नेता रघुवीर कादियान हैं और यह दीपेंद्र हुड्डा के संसदीय क्षेत्र में आता है. 10 साल हुड्डा का राज रहा, पर अपने क्षेत्र के स्कूलों का विकास नहीं कर पाए. गांव वालों और स्कूल प्रशासन का कहना है कि सांसद आश्वसान तो कई बार देकर गए, पर कोई ठोस कदन उन्होंने नहीं उठाया.

सुबे को पहला मुख्यमन्त्री पंडित भगवत दयाल शर्मा देने वाली धर्मनगरी बेरी में कंडम हो चुके सरकारी स्कूलों की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। बरसात के इस मौसम में जान हथेली पर रखकर स्कूली बच्चे कंडम भवनों में पढ़ाई कर रहे हैं। बेरी के गांव में 125 साल पुराने बने राजकीय माडल सीनियर सेकंडरी स्कूल के एक जर्जर बरमादे की छत बरसात में ढह गई। गनीमत यह रही कि स्कूल प्राचार्य ने विद्यालय की ईमारत की हालत देखते हुए स्कूल की छुटटी कर दी थी। सुबह प्रार्थना के बाद विद्यालय के 500 बच्चें इसी बरामदे से होकर गुजरते हैं। अगर स्कूल लगा होता तो काफी बड़ा नुकसान हो सकता था। बेरी के इसी सरकारी स्कूल से हरियाणा के प्रथम मुख्यमन्त्री भगवत दयाल शर्मा और रक्षा मंत्री फोफेसर शेर सिंह ने शिक्षा ग्रहण की हैं।
 अब मामले की गंभीरता को देखकर अब शिक्षा विभाग ने इस स्कूल में कक्षाएं लगाने की बजाय स्कूल की छुट्टी कर दी हैं। स्कूल में लाखों रूपये की लागत से फीजीकस,कैमस्टरी, आईटी और सिक्योरटी लैब में पानी घुसा हुआ हैं। पिछले साल भी स्कूल के दो कमरों की छत गिर गई थी। स्कूल प्रबन्धन ने कमरों पर ताला लगा कर बंद कर दिया था। स्कूल शिक्षा विभाग को बार-बार पत्र लिख रहा हैं। हालांकि कि बिल्डिग ठीक बताई जा रही हैं लेंकिन बरसात के दिनों में स्कूल के चारों तरफ पानी खड़ा हो जाता हैं। जिसके कारण पानी स्कूल की ईमारत में गिरता रहा और किसी ने बड़ी समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया। लगभग 9 साल पहले बेरी में करोड़ों की लागत से सडक़ों का निर्माण किया गया था। उस दौरान स्कूल का लेवल काफी नीचा पड़ गया था। बरसात के दिनों में इस स्कूल में पानी घुस जाता था जो कई कई दिन तक पानी मार करता था। लगभग 8 साल पहले रोहतक के सांसद दीपेन्द्र हुडडा ने इस स्कूल का दौरा करके स्कूल में भरत करवाने का आशवासन दिया था लेकिन 8 साल का समय बीत जाने के बाद भी स्कूल के खेल के मैदान में 

भरत नहीं हुआ। अब एक सप्ताह से विद्यालय में पानी भरा हुआ था। स्कूल प्राचार्य बार-बार पब्लिक हेल्थ को पत्र लिखकर पानी निकलवाने के लिए कह रहा था लेकिन पब्ल्कि हेल्थ ने पानी नहीं निकलाया। जिसके कारण पानी ईमारत में मार कर गया और स्कूल के बरामदे की छत गिर गई। हाल फिलहाल बच्चों पर पढ़ाई का संकट छा गया हैं। पानी की मार की वजह से स्कूल के 13 कमरे  कंडम हैं। इस वजह से यहां पढऩे वाले 500 बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। 
 


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